मुंबई | 25 दिसंबर 2025 | प्रतिनिधि; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशभर में आयोजित संसद खेल महोत्सव 2025 के समापन समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उत्तर मुंबई में आयोजित खासदार क्रीड़ा महोत्सव के प्रतिभागी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर मुंबई के सांसद एवं केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खेलों में कोई हारता नहीं है, बल्कि या तो जीतता है या सीखता है। उन्होंने खेलों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि खिलाड़ी केवल अपने लिए नहीं, बल्कि तिरंगे के गौरव के लिए खेलते हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस वर्ष संसद खेल महोत्सव के तहत देशभर में 290 से अधिक सांसदों ने आयोजन किए, जिनमें एक करोड़ से अधिक युवा खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया, जिससे यह महोत्सव एक जनआंदोलन के रूप में उभरा है।

प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों के हाथ में मोबाइल के साथ-साथ उन्हें खेल के मैदान तक भी ले जाएं। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों का दिल जीतने का जरिया है। साथ ही उन्होंने 2014 के बाद खेल क्षेत्र में बढ़े बजट, बेहतर नीतियों और टियर-2 व टियर-3 शहरों में बनी आधुनिक सुविधाओं का भी उल्लेख किया।

इस अवसर पर उत्तर मुंबई खासदार क्रीड़ा महोत्सव 2025 का भव्य समापन 25 दिसंबर को कांदिवली पश्चिम के संपत मैदान में हुआ। यह आयोजन सांसद पीयूष गोयल की पहल पर आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 80,000 खिलाड़ियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांग प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। 23 से अधिक खेल स्पर्धाओं का आयोजन किया गया, जिसमें कबड्डी और खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों को विशेष प्राथमिकता दी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने उत्तर मुंबई में खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 37 एकड़ भूमि खेल प्राधिकरण (SAI) को आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के लिए दी गई है, साथ ही प्रमोद महाजन खेल मैदान और बालासाहेब ठाकरे खेल मैदान को केवल खेल गतिविधियों के लिए समर्पित किया जाएगा, जहां मध्यम और गरीब वर्ग के बच्चों को मुफ्त सुविधाएं मिलेंगी।
समारोह के दौरान पीयूष गोयल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अटल जी को दूरदर्शी नेता, कुशल प्रशासक और एनडीए सरकार के शिल्पकार के रूप में याद किया। इस अवसर पर उत्तर मुंबई में स्थापित कौशल विकास केंद्र का नाम ‘अटल बिहारी वाजपेयी कौशल विकास केंद्र’ रखा गया।

कार्यक्रम के अंत में पीयूष गोयल ने सभी प्रतिभागियों, आयोजकों और खेल संगठनों का आभार व्यक्त करते हुए नए वर्ष 2026 के लिए शुभकामनाएं दीं।
