नई दिल्ली: विवादित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ उस सच्ची घटना पर आधारित है, जो 2022 में उदयपुर में घटित हुई थी. टेलर कन्हैयालाल को इस्लाम के खिलाफ पोस्ट का समर्थन करने की वजह से दो आदमियों ने उनकी दुकान में ही मौत के घाट उतार दिया था. घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था. फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ के विवादित कॉन्टेंट की वजह से सेंसर बोर्ड ने 150 कट लगाने का सुझाव दिया था. हालांकि, एक तबका फिल्म के खिलाफ था, जिसकी रिलीज रोकने के लिए कोर्ट में याचिकाएं भी दायर हुई थीं, हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया.
कन्हैयालाल मर्डर केस के आरोपी मोहम्मद जावेद ने भी याचिका दाखिल की थी. वकील ने दलील में कहा कि फिल्म शुक्रवार 11 जुलाई को रिलीज होने वाली है, जिससे ट्रायल प्रभावित हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने जवाब में कहा कि फिल्म रिलीज होने दीजिए, संबंधित कोर्ट के सामने बात रखिए. जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात के हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए सर्टिफिकेशन को रद्द करने की मांग की है.
फिल्म में लगे 150 कट
फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को अमित जानी ने प्रोड्यूस किया है, जिसमें विजय राज ने कन्हैयालाल का रोल निभाया है. फिल्म में रजनीश दुग्गल, कमलेश सावंत, कांची सिंह और मुश्ताक खान ने काम किया है. जब भारत श्रीनेत से पूछा गया कि क्या सेंसर बोर्ड ने फिल्म से कोई सीन हटाने के लिए कहा था, तो वे बोले, ‘उन्होंने मेरी फिल्म में 150 कट लगाए. हमने करीब 2 महीनों तक सेंसर बोर्ड के चक्कर लगाए.’ एक तबका फिल्म को मुस्लिम धर्म के खिलाफ मान रहा है, लेकिन यह विचारधारा और सच के बारे में है.
दंगों की जताई थी आशंका
फिल्म रिलीज भी नहीं हुई है, लेकिन लोग इसे लेकर कयास लगा रहे हैं. डायरेक्टर ने कहा कि जो लोग फिल्म का विरोध कर रहे हैं, वह निर्णय नहीं कर सकते कि इसे रिलीज होना चाहिए या नहीं. फिल्म की रिलीज के खिलाफ याचिका में कहा गया है कि फिल्म देश में धार्मिक हिंसा को बढ़ावा दे सकती है.
10 जुलाई को होगी सुनाई
द ‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म से आपत्तिजनक हिस्से हटाए गए है. CBFC ने दिल्ली हाईकोर्ट को जानकारी दी है. अब 10 जुलाई को भी दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी. दिल्ली हाईकोर्ट में फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड (CBFC) ने कहा है कि फिल्म से सभी आपत्तिजनक हिस्सों को काट दिया गया है. दरअसल 9 जुलाई को इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई.
