पुलिसवाले ने बनाया गिरोह, छापे गए 1 करोड़ के नकली नोट! कोल्हापुर पुलिसकर्मी सहित 5 आरोपी गिरफ्तार

सांगली : महाराष्ट्र पुलिस का आदर्श वाक्य है — “सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय”, अर्थात “सज्जनों की रक्षा और दुष्टों का नाश करना।” लेकिन इसी पुलिस विभाग के एक कर्मचारी ने इस वाक्य की मर्यादा को कलंकित कर दिया। कोल्हापुर पुलिस दल में कार्यरत एक पुलिसकर्मी ने खुद का गिरोह बनाकर नकली नोटों की छपाई का धंधा शुरू कर दिया था। अब इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश सांगली पुलिस ने किया है।

पुलिस ने पुणे-बेंगलुरु राजमार्ग पर कासेगांव के पास छापा मारते हुए 99 लाख 23 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इनमें ₹500 और ₹200 के नोट शामिल हैं, जो बेहद असली जैसे दिखते थे। बताया जा रहा है कि ये नोट मुंबई ले जाए जा रहे थे, जहां इन्हें बाजार में चलाने की योजना थी।


🔹 गिरफ्तार आरोपी और मास्टरमाइंड

इस मामले में पुलिस ने कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी महाराष्ट्र पुलिस का ही कर्मचारी इब्राहिम ईनामदार बताया जा रहा है, जो कोल्हापुर पुलिस दल में कार्यरत था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इब्राहिम ईनामदार ने कोल्हापुर के रुईकर कॉलोनी इलाके में अपनी एक चाय की दुकान खोली हुई थी। लेकिन इस दुकान की आड़ में नकली नोटों की छपाई का गोरखधंधा चलाया जा रहा था।

गिरफ्तार अन्य आरोपियों में एक मुंबई निवासी और तीन कोल्हापुर निवासी शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पिछले कुछ महीनों से नकली नोटों की तस्करी और वितरण में सक्रिय था।


🔹 पुलिस की गुप्त कार्रवाई और बरामदगी

सांगली पुलिस को कुछ दिन पहले सूचना मिली थी कि नकली नोटों की एक बड़ी खेप पुणे-बेंगलुरु हाइवे से गुजरने वाली है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और वाहनों की तलाशी शुरू की।
तलाशी के दौरान एक कार से ₹99,23,000 मूल्य के नकली नोट मिले, जो बंडलों में सावधानीपूर्वक पैक किए गए थे।

इसके अलावा, पुलिस ने ₹11,75,000 की अन्य सामग्री, जैसे कि प्रिंटर, स्कैनर, विशेष इंक, और हाई-क्वालिटी पेपर भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग नकली नोट बनाने में किया जा रहा था।


🔹 राज्यभर में फैला नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार महाराष्ट्र के कई जिलों से जुड़े हैं। नकली नोटों की सप्लाई कोल्हापुर, सांगली, पुणे, और मुंबई तक फैली हुई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के राष्ट्रीय या अंतरराज्यीय संबंध भी हैं।


🔹 पुलिस अधिकारियों का बयान

इस मामले पर सांगली के पुलिस अधीक्षक ने कहा —

“यह मामला बेहद गंभीर है, खासकर तब जब इसमें पुलिस विभाग का ही एक कर्मचारी शामिल पाया गया। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि विभाग की छवि धूमिल न हो।”


🔹 आगे की जांच जारी

सांगली पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है और रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि गिरोह के और भी सदस्य इस नेटवर्क में सक्रिय हैं, जिनकी गिरफ्तारी जल्द की जा सकती है।


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