मालाड पश्चिम | मालवनी : सरकारी जमीन पर लंबे समय से खड़ी अवैध झोपड़ियों को हटाने के लिए प्रशासन ने मालवनी में व्यापक अभियान चलाया। दो दिनों तक चले इस ऑपरेशन में कलेक्टर ऑफिस और बीएमसी की संयुक्त टीम ने 135 झोपड़ियों व संरचनाओं को तोड़कर भूमि को कब्ज़ामुक्त किया।
दो मुख्य जगहों पर कार्रवाई केंद्रित
प्रशासनिक टीम ने ऑपरेशन को दो हिस्सों में बांटा:
अली तालाव क्षेत्र — जहाँ 127 झोपड़ियाँ तोड़ी गईं
चिकूवाड़ी क्षेत्र — यहाँ 6 झोपड़ियाँ और 2 अवैध निर्माण गिराए गए
इन इलाकों में हाल ही में अवैध निर्माणों की संख्या तेजी से बढ़ रही थी। प्रशासन द्वारा जारी कई नोटिसों के बावजूद कोई पालन न होने पर कार्रवाई करनी पड़ी।जमीन खाली कराने के लिए भारी उपकरणों का इस्तेमाल
सफाई अभियान को प्रभावी बनाने के लिए बीएमसी ने कई JCB मशीनें, दर्जनों ट्रक, और बड़ी संख्या में मजदूरों को तैनात किया। इसके साथ ही पुलिस बल भी मौजूद रहा ताकि विरोध या अव्यवस्था की स्थिति न पैदा हो।
आगे भी जारी रहेंगे एंटी-एनक्रोचमेंट ड्राइव
अधिकारियों के अनुसार, यह केवल एक क्षेत्र विशेष तक सीमित कार्रवाई नहीं है।
बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, “मालवनी और आसपास कई जगह सरकारी भूमि पर अवैध ढाँचों की शिकायतें मिली हैं। आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के ऑपरेशन होंगे।”
सरकारी जमीन को दोबारा कब्जे से बचाने के लिए निगरानी टीम भी तैनात की गई है।
इलाक़े की मिश्रित प्रतिक्रिया
के बाद स्थानीय निवासियों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ सामने आईं — कुछ लोगों ने कहा कि अवैध झोपड़ियों से
गंदगी फैल रही थी, भीड़भाड़ बढ़ गई थी। वहीं, जिन परिवारों की झोपड़ियाँ ढहाई गईं, उन्होंने प्रशासन से पुनर्वास की मांग की है।
त्वरित जानकारी एक नज़र में
कुल झोपड़ियाँ ढहीं: 135
सबसे बड़ा प्रभाव वाला क्षेत्र: अली तालाव (127 झोपड़ियाँ)
संयुक्त टीम: कलेक्टर ऑफिस + बीएमसी
मशीनरी: JCB, ट्रक, मजदूर, पुलिस सुरक्षा
आगे की योजना: अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई
