चारकोप में अवैध निर्माण की रिपोर्टिंग कर रहे ‘शाखा 9 न्यूज़’ की संपादक खुशी नायक और कैमरा मैन चिराग नायक पर भूमाफिया तत्वों ने हमला कर दिया। घटना के दौरान पत्रकारों से मोबाइल फोन और सोने का मंगलसूत्र लूट लिया गया। बावजूद इसके पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा नहीं लगाई, जिससे पत्रकार समुदाय में नाराज़गी है।

पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं।

भूमाफिया को किसी का खौफ़ नहीं — CCTV की गैर-मौजूदगी का पूरा फायदा उठाया
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावरों ने उस जगह को चुनकर हमला किया जहाँ CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।
इसी गैर-मौजूदगी का गलत फायदा उठाकर आरोपियों ने पत्रकारों को घेरकर हमला किया और मौके से मोबाइल व मंगलसूत्र को गायब कर दिया, यानी खुली लूट को अंजाम दिया।
गवाहों ने बताया—“ये लोग जानते थे कि इस हिस्से में कैमरे नहीं हैं, इसलिए बेखौफ़ होकर हमला किया।”
हमले में क्या हुआ?
दोनों पत्रकारों को घेरकर धक्का-मुक्की चिराग नायक पर पथराव कैमरा छीनने की कोशिश
मौके से मोबाइल और मंगलसूत्र लूटा गया / गायब कर दिया गया !रिपोर्टिंग रोकने की धमकी दी
यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला माना जा रहा है।
Media Act 2017 को प्राथमिकता में क्यों नहीं लिया गया?
Maharashtra Media Persons Protection Act, 2017 के अनुसार—
पत्रकार पर हमला गैर-जमानती अपराध है, आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी जरूरी, पत्रकार के उपकरण/संपत्ति को नुकसान या लूट गंभीर अपराध! फिर भी इस केस में कानून को पहले चरण में लागू तक नहीं किया गया, जो पुलिस की कार्रवाई पर बड़ा सवाल है।
Sr. PI विनायक चव्हाण ने कहा-“दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी दो की तलाश जारी है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।”
पत्रकारों का सवाल है कि जब मामला स्पष्ट लूट, चोट और धमकी का है, तो फरार आरोपी अब तक पकड़ से बाहर क्यों हैं?
पत्रकार समुदाय की माँग
✅ लूट की धारा जोड़कर FIR संशोधित हो
✅ Media Act 2017 तुरंत लागू किया जाए
✅ फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी
✅ इलाके में CCTV व गश्त बढ़ाई जाए
