मुंबई | विशेष रिपोर्ट | शाखा नव न्यूज़
मालवणी (मालाड पश्चिम), मुंबई: मुंबई के मालवणी इलाके में स्थित डी.जी. नगर का एकमात्र सार्वजनिक खेल मैदान इन दिनों विवादों में घिर गया है। स्थानीय नागरिकों ने मैदान के कथित निजीकरण और कमर्शियल इस्तेमाल के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है।नागरिकों का कहना है कि यह मैदान गरीब और सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए खेलने, दौड़ने और शारीरिक विकास का एकमात्र साधन है। लेकिन आरोप है कि हाल के दिनों में मैदान को निजी संस्था को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसके चलते बच्चों को मैदान में प्रवेश से रोका जा रहा है।
Video देखने के लिए नीचे क्लिक करे….
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिन बच्चों के पास पैसे नहीं हैं, उन्हें मैदान में खेलने की अनुमति नहीं दी जा रही। नागरिकों का कहना है कि यह न केवल सामाजिक भेदभाव है, बल्कि बच्चों के मौलिक अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है।इस संबंध में नागरिकों ने पुलिस और प्रशासन को कई बार शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज़ होकर स्थानीय लोगों ने अब आंदोलनात्मक ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगें दोहराई हैं।
नागरिकों की प्रमुख मांगें—
🛑 डी.जी. नगर के मैदान का निजीकरण तुरंत रोका जाए
🛑 मैदान सभी बच्चों के लिए पूरी तरह मुफ्त और खुला रखा जाए
🛑 मैदान पर किसी भी तरह का कमर्शियल इस्तेमाल बंद किया जाए
🛑 इस मामले में दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ एक मैदान की नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य, स्वास्थ्य और उनके अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।
✍️ रिपोर्ट: शाखा नव न्यूज़
